MP Weather Alert : इन जिलों में फिर ओलावृष्टि और आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट

MP Weather Alert : मध्यप्रदेश में मौसम के मिजाज सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। बीते कई दिनों से प्रदेश में मौसम खराब चल रहा है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

शुक्रवार को जारी बुलेटिन में मौसम केंद्र भोपाल ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटों में कई जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार हैं।

विभाग ने प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों के अलावा बैतूल, उज्जैन, देवास, शाजापुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह और सागर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक इन जिलों में ओलावृष्टि, गरज-चमक व वज्रपात के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। यहां 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से झोकेदार हवाएं चलेंगी। साथ ही कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हो सकती है।

इनके अलावा नर्मदापुरम, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक व वज्रपात के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। यहां भी 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से झोकेदार हवाएं चलेंगी। साथ ही कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

इन जिलों के लिए यलो अलर्ट (MP Weather Alert)

मौसम विभाग ने भोपाल और इंदौर संभाग के जिलों, हरदा, रतलाम, आगरमालवा, मंदसौर और नीमच जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक व वज्रपात के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलेंगी। कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है।

आगे और भी है खतरा (MP Weather Alert)

विभाग के अनुसार आगामी 5 मार्च से अगले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बनी है। अभी पश्चिमी विक्षोम अफगानिस्तान और उसके आसपास चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर और 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई के मध्य में अवस्थित है। दूसरी ओर दक्षिण पश्चिमी राजस्थान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है।

इसके साथ ही इस चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर पश्चिमोत्तर अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल में ट्रफ लाइन विस्तृत है। इनके प्रभाव में दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है।

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